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Tuesday, 18 January 2022
चुनावी मुद्दे 2022
भारत की राजनीति में लोकतंत्र पद्धति होने की वजह से लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करके अपने प्रतिनिधि चुनकर सरकार बनाते हैं जो उनकी सोच के अनुसार कार्य करती है और जन उपयोगी कार्य होते हैं परंतु जैसा कि सबको मालूम है जनप्रतिनिधि अपने निजी स्वार्थों की वजह से लोक कल्याण के कार्य करने में कभी-कभी बहुत पीछे रह जाते हैं उनके द्वारा संपादित सभी कार्यों में भ्रष्टाचार का बोलबाला होता है लेकिन जनता के पास इसको हटाने का कोई प्रत्यक्ष साधन नहीं है सरकार की नीतियां इस प्रकार की होती है कि लोगों को जनकल्याण पर किए गए खर्चों की जानकारी आसानी से उपलब्ध नहीं होती है जनप्रतिनिधि अपनी सुविधानुसार अपने खर्चों को जनता के सामने नहीं लाते हैं जिसके कारण भ्रष्टाचार होता है यदि सरकार कोई ऐसी व्यवस्था करें जिसमें निर्वाचित प्रतिनिधि को किसी भी मतदाता के द्वारा मांगी गई सूचना तुरंत उपलब्ध करानी चाहिए और शंका होने पर उसका समाधान भी तुरंत किया जाना चाहिए विधानसभा के अंदर चुनावी मुद्दा भ्रष्टाचार भाई भतीजावाद अपराधीकरण कानून व्यवस्था जैसी बहुत बड़ी और मूल समस्याएं है जैसे स्वास्थ्य शिक्षा और पर्यावरण जैसे मुद्दे बहुत पीछे रह गए हैं जिससे हमारे देश के अंदर भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद का माहौल है यदि हम इसे ठीक करने ते हुए अपने जनप्रतिनिधियों को यह निर्देश देने चाहिए कि वह जनता द्वारा मांगी गई प्रत्येक सूचना को उपलब्ध कराएं और शंका होने पर उसका निवारण भी करें
Wednesday, 12 January 2022
चुनावी दल बदल की नीति
उत्तर प्रदेश समेत भारत के 5 राज्यों में विधानसभा के चुनाव घोषित कर दी गई है इसके बाद आपने देखा होगा कि राजनीतिक दलों के नेता, विधायक दल बदल रहे हैं जो दूसरे दल में जाकर अपने आप को सुरक्षित मानते हैं जो कि ऐसा नहीं होता जनता बहुत प्रखर है बुद्धिमान है और उसे पता है कि जिन लोगों ने कल बदला है उसका वास्तविक उद्देश्य क्या है क्योंकि जिन विधायकों ने अपने विधानसभा क्षेत्र में बहुत अच्छा काम करके दिखाया है जनता उनको आगे भी जताना चाहती है क्योंकि चुनाव जीतने के बाद उनकी बाकी की बची हुई योजनाएं भी पूरी हो सके जबकि दलबदलू नेता या विधायक जिनको पहले दल में भ्रष्टाचार करने का मौका नहीं मिला तो वह दूसरे दल में जाकर अपनी पैठ बना कर चुनाव जीतना चाहते हैं चुनाव का मतलब होता है लोकतांत्रिक तरीके से उन व्यक्तियों को जो अपने क्षेत्र के विकास के लिए कार्य करने के लिए संकल्प शील होते हैं वही जीते हैं क्योंकि कोई भी चुनाव विकास और महंगाई जैसे तमाम मुद्दों पर लड़ा जाता है भारत की जनता चुनाव में अपना मत बहुत सोच समझ कर देती है। जिन नेताओं ने दल बदला यदि उनकी पृष्ठभूमि जाया जाए तो वह अपनी क्षेत्र की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में बिल्कुल विफल रहे । जनता अपना वोट केवल उसी उम्मीदवार को देती है जिसको वह अपनी उम्मीदों पर खरे उतरते हैं। उत्तर प्रदेश पंजाब मणिपुर गोवा उत्तराखंड चुनाव भारतीय राजनीति में बहुत महत्वपूर्ण परिवर्तन लायेंगे।
Tuesday, 11 January 2022
पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव
पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की घोषणा हो गई है। सभी राजनैतिक दलों ने प्रचार करने की घोषणा कर दी है करोना काल में चुनाव प्रचार अभियान शुरू करना भी मुश्किल काम है भौतिक रुप में रैली करना संभव नहीं है लेकिन देश के ये चुनाव कोरोना की महामारी के बीच होना एक आपदा से कम नहीं है तीसरी लहर ने देश की जनता को भयभीत कर रखा है लेकिन राजनैतिक दलों को अपनी ताक़त दिखाने के नए तरीके खोजने होंगे डिजिटल मीडिया की ताकत का मूल्यांकन शुरू होगा क्योंकि यही माध्यम से संवाद होगा और लोगों तक अपनी नीतिया और वादे पहुंचाना है। अब देखना ये है की चुनाव के इस पर्व में वोट देने वाले मतदाता किस ओर अपना रुख करतें है
प्रधानमंत्री की सुरक्षा में सेंध
भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां हर नागरिक को संविधान से अनेक स्वतंत्रता प्राप्त है लेकिन कुछ स्वतंत्रता देश की सुरक्षा और एकता को नुकसान पहुंचाती है जैसे किसान आंदोलन की आड़ में अनेक आतंकवादी और देशद्रोही देश में अराजकता और गृहयुद्ध का माहौल पैदा करना चाहते है । भारत पहले भी अपने दो प्रधानमंत्री खो चुका है और आतंक के साए में रहा है पंजाब के किसान अपनी धरती से पैदा अन्न से देश को भरपूर अनाज देता हैं वही कुछ सिरफिरे अपने ही देश को आतंक की आग में धकेल कर तमाशा करना चाहते है जनवरी 5, 2022 को देश ने देखा किस तरह एक देश में पंजाब प्रदेश का मुख्यमंत्री किस तरह से देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा में कितनी कोताही और घोर लापरवाही बरतता है कि देश के प्रधानमंत्री की जान जोखिम में डालना चाहता था यदि समय रहते प्रधानमंत्री तुरंत निर्णय नहीं लेते तो कभी ना खत्म होने वाली आतंक और गृहयुद्ध जैसे हालात बनते। हमें अगर देश को भरपूर संपन्न बनाना है तो लोकतंत्र की मौलिक विचार को कभी भी भुलाना नही चाहिए।
Thursday, 1 October 2020
चीन की अधिनायक वादी सोच
हाथरस की वीभत्स घटना
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चुनावी मुद्दे 2022
भारत की राजनीति में लोकतंत्र पद्धति होने की वजह से लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करके अपने प्रतिनिधि चुनकर सरकार बनाते हैं जो उनकी सोच के अनुस...