Contact Form

Name

Email *

Message *

Wednesday, 12 January 2022

चुनावी दल बदल की नीति

उत्तर प्रदेश समेत भारत के 5 राज्यों में विधानसभा के चुनाव घोषित कर दी गई है इसके बाद आपने देखा होगा कि राजनीतिक दलों के नेता, विधायक दल बदल रहे हैं जो दूसरे दल में जाकर अपने आप को सुरक्षित मानते हैं जो कि ऐसा नहीं होता जनता बहुत प्रखर है बुद्धिमान है और उसे पता है कि जिन लोगों ने कल बदला है उसका वास्तविक उद्देश्य क्या है क्योंकि जिन विधायकों ने अपने विधानसभा क्षेत्र में बहुत अच्छा काम करके दिखाया है जनता उनको आगे भी जताना चाहती है क्योंकि चुनाव जीतने के बाद उनकी बाकी की बची हुई योजनाएं भी पूरी हो सके जबकि दलबदलू नेता या विधायक जिनको पहले दल में भ्रष्टाचार करने का मौका नहीं मिला तो वह दूसरे दल में जाकर अपनी पैठ बना कर चुनाव जीतना चाहते हैं चुनाव का मतलब होता है लोकतांत्रिक तरीके से उन व्यक्तियों को जो अपने क्षेत्र के विकास के लिए कार्य करने के लिए संकल्प शील होते हैं वही जीते हैं क्योंकि कोई भी चुनाव विकास और महंगाई जैसे तमाम मुद्दों पर लड़ा जाता है भारत की जनता चुनाव में अपना मत बहुत सोच समझ कर देती है। जिन नेताओं ने दल बदला यदि उनकी पृष्ठभूमि जाया जाए तो वह अपनी क्षेत्र की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने में बिल्कुल  विफल रहे । जनता अपना वोट केवल उसी उम्मीदवार को देती है जिसको वह अपनी उम्मीदों पर खरे उतरते हैं। उत्तर प्रदेश पंजाब मणिपुर गोवा उत्तराखंड चुनाव भारतीय राजनीति में बहुत महत्वपूर्ण परिवर्तन लायेंगे।

No comments:

Post a Comment

चुनावी मुद्दे 2022

भारत की राजनीति में लोकतंत्र पद्धति होने की वजह से लोग अपने मताधिकार का प्रयोग करके अपने प्रतिनिधि चुनकर सरकार बनाते हैं जो उनकी सोच के अनुस...